पेरिस: फ्रांस में 2027 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार और वामपंथी नेता जीन-ल्यूक मेलेंशों ने फिलिस्तीनी जनता के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने गाजा में जारी हिंसा और पश्चिमी तट पर फिलिस्तीनी जमीन पर कब्जे के खिलाफ ठोस कदम उठाने की बात कही है।
समाचार एजेंसी अनातोलिया के मुताबिक, वामपंथी पार्टी ‘फ्रांस अनबाउड’ (La France Insoumise) के नेता मेलेंशों ने पेरिस के उत्तर में स्थित बुर्जे इलाके में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया को लेकर अपनी विदेश नीति और चुनावी योजनाओं की जानकारी दी।
मेलेंशों ने कहा कि उनकी सरकार गाजा में नरसंहार रोकने और पश्चिमी तट पर फिलिस्तीनी क्षेत्रों के धीरे-धीरे किए जा रहे कब्जे के खिलाफ काम करेगी।
उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ने पर फ्रांस के जहाज गाजा की ओर जाने वाले उन बेड़ों को सुरक्षा देंगे, जो फिलिस्तीनी जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे बढ़ रहे हैं।"
उन्होंने दक्षिणी लेबनान और गोलान पहाड़ियों पर इजरायल के कब्जे का भी विरोध किया। उनका कहना है कि फ्रांस ऐसी कार्रवाइयों को स्वीकार नहीं करेगा।
मेलेंशों ने फिलिस्तीन और लेबनान में रहने वाले ईसाई समुदायों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन समुदायों को घेराबंदी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इनके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई।
मेलेंशों ने अपने 2027 के चुनावी कार्यक्रम में अमेरिका और नाटो से स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने, फिलिस्तीनियों के अधिकारों का समर्थन करने और इजरायली बस्तियों के विस्तार तथा फिलिस्तीनी क्षेत्रों के विलय का विरोध करने को प्रमुख मुद्दा बनाया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार पर प्रतिबंध लगाने की भी बात कही है।
गौरतलब है कि मेलेंशों फ्रांस की राजनीति में वामपंथ के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में करीब 22 प्रतिशत वोट हासिल किए थे और तीसरे स्थान पर रहे थे। अब वह 2027 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।
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